जालंधर (सिटी तेज़ खबर ब्यूरो) वज्र कोर ने डोडा-किश्तवाड़ के 8वीं से 10वीं कक्षा के 30 लड़के-लड़कियों के लिए एक ‘नेशनल इंटीग्रेशन टूर’ (राष्ट्रीय एकता यात्रा) आयोजित किया। इस यात्रा ने युवा छात्रों को पंजाब की समृद्ध विरासत, सैन्य मूल्यों, तकनीकी प्रगति और विविध संस्कृति से रूबरू होने का शानदार मौका दिया। इस यात्रा का मकसद युवाओं की सोच का दायरा बढ़ाना, उनमें आत्मविश्वास जगाना और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना था।

वज्र कोर क्षेत्र में रहने के दौरान, छात्रों ने अमृतसर, जालंधर और ब्यास का दौरा किया। यहाँ इतिहास, शिक्षा, तकनीक और रोमांच का एक बेहतरीन मिश्रण पेश करने वाला कार्यक्रम आयोजित किया गया था। अमृतसर में, छात्रों ने स्वर्ण मंदिर और जलियांवाला बाग देखा और अटारी-वाघा बॉर्डर पर शानदार समारोह का अनुभव किया, जिससे उन्हें इस क्षेत्र के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और देशभक्ति की भावना को समझने का मौका मिला।
जालंधर में, छात्रों ने वज्र संग्रहालय का दौरा किया, जहाँ उन्हें वज्र कोर की समृद्ध सैन्य विरासत और गौरवशाली इतिहास के बारे में बताया गया। उनके कार्यक्रम में नेचर पार्क का दौरा भी शामिल था, जहाँ ड्रोन की जानकारी, गो-कार्टिंग, घुड़सवारी और बोटिंग जैसी गतिविधियों ने तकनीक, रोमांच और अनुभव-आधारित सीखने का एक रोमांचक मिश्रण प्रदान किया। पुष्पा गुजराल साइंस सिटी के दौरे ने छात्रों में वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ाया और उन्हें इंटरैक्टिव लर्निंग और नई तकनीकों से परिचित कराया।
मिलिट्री स्टेशन ब्यास में, छात्रों ने आर्मी पब्लिक स्कूल ब्यास का दौरा किया, वहाँ के छात्रों से बातचीत की और स्कूल के आधुनिक शैक्षिक बुनियादी ढाँचे और सीखने के माहौल का अनुभव किया। इन मुलाकातों ने अलग-अलग क्षेत्रों और पृष्ठभूमि के छात्रों को विचारों का आदान-प्रदान करने, दोस्ती बढ़ाने और साझा सपनों को खोजने का मौका दिया।
यह यात्रा केवल घूमने-फिरने और जानकारी हासिल करने तक ही सीमित नहीं थी। सैनिकों, छात्रों और संस्थानों के साथ बातचीत के माध्यम से, युवा प्रतिभागियों ने अनुशासन, टीम वर्क, इनोवेशन और देश सेवा के मूल्यों को खुद अनुभव किया। इस विविध अनुभव ने उन्हें अपने परिचित माहौल से आगे देखने, नए अवसरों को तलाशने और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
‘नेशनल इंटीग्रेशन टूर’ युवाओं को जोड़ने और राष्ट्रीय एकता के प्रति भारतीय सेना की लगातार प्रतिबद्धता का एक बेहतरीन उदाहरण था, जिसने अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों के बीच मजबूत रिश्ते बनाए। छात्र नए अनुभवों, यादगार पलों और देश की विविधता व साझा राष्ट्रीय पहचान के प्रति गहरी समझ के साथ लौटे।
युवा सोच। व्यापक दृष्टिकोण। एक अटूट भारत

