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डिप्टी कमिश्नर ने राजस्व विभाग से संबंधित सेवाएं पूरी पारदर्शिता, उचित ढंग से तथा निर्धारित समय सीमा में प्रदान करने के दिए निर्देश।

जालंधर (सिटी तेज़ खबर ब्यूरो)  डिप्टी कमिश्नर डा.हिमांशु अग्रवाल ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आम लोगों को राजस्व विभाग से संबंधित सेवाएं पूरी पारदर्शिता, सुचारू रूप से तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रदान करना सुनिश्चित करें तथा अपने काम के लिए दफ्तर में आने वाले व्यक्तियों को हर संभव सुविधा प्रदान करें।बुधवार को स्थानीय जिला प्रशासकीय परिसर में राजस्व विभाग की बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने जालंधर में ‘इजी रजिस्ट्रेशन सिस्टम’ को लागू करने की चल रही प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की, जिसमें ‘मेरा घर मेरे नाम’, खसरा मैपिंग, वसूली के मामले, म्यूटेशन, राजस्व कोर्स के मामले, ई-सेवा पेंडेंसी, जमाबंदी का डिजिटलीकरण आदि की प्रगति शामिल है।

डा.अग्रवाल ने ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत गांवों में किए जा रहे ग्राउंड ट्रूथिंग (डोर-टू-डोर सर्वे) कार्य की समीक्षा की और इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 890 गांवों में ड्रोन सर्वे के बाद 528 नक्शे-1 प्राप्त हुए, जिनके आधार पर गांवों में डोर-टू-डोर सर्वे का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि 287 नक्शे-1 की ग्राउंड ट्रूथिंग पूरी हो चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को डोर-टू-डोर सर्वे के काम में तेजी लाने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जिला राजस्व अधिकारी प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए दैनिक आधार पर निगरानी रखें।

जालंधर में ‘इजी रजिस्ट्रेशन सिस्टम’ शुरू करने के लिए किए जा रहे प्रबंधों की समीक्षा करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने इसके सुचारू संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता, स्टाफ के उचित प्रशिक्षण, आवश्यक उपकरण आदि पर जोर दिया। उन्होंने उप मंडल मैजिस्ट्रेट को व्यक्तिगत रूप से तहसीलों का दौरा करने के लिए कहा ताकि बिना किसी बाधा के इस प्रणाली को निर्धारित दिन से शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाएगी।
राजस्व विभाग से संबंधित सेवाओं के समय पर प्रावधान पर जोर देते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बिना किसी देरी के म्यूटेशन, बंटवारा, जमाबंदी और निशानदेही के मामलों का निपटारा समयबद्ध तरीके से करें। उन्होंने कहा कि बंटवारे के जो मामले एक-दो साल से अधिक पुराने हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाना चाहिए। डिप्टी कमिश्नर ने तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को कहा कि वे रिकवरी से संबंधित मामलों को गंभीरता से लें और रिकवरी में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि रिकवरी को पहली प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि राज्य सरकार का राजस्व बढ़ सके। बैठक में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज) अमनिंदर कौर, सभी एस.डी.एम.,जिला राजस्व अधिकारी नवदीप सिंह भोगल और राजस्व विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।

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