कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने ड्रग रैकेट का किया भंडाफोड़ : 13 किलो 100 ग्राम हेरोइन, 5 पिस्तौल (32 बोर), 12 जिंदा कारतूस बरामद।

कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने ड्रग रैकेट का किया भंडाफोड़ : 13 किलो 100 ग्राम हेरोइन, 5 पिस्तौल (32 बोर), 12 जिंदा कारतूस बरामद।

जालंधर, (सिटी तेज़ खबर ब्यूरो) पंजाब सरकार के नशा विरोधी अभियान `युद्ध नशे के विरुद्ध” के अंतर्गत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पुलिस कमिश्नर श्रीमती धनप्रीत कौर के नेतृत्व में कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने एक बड़े नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, तथा उनके पास से कुल 13.1 किलोग्राम हेरोइन, 5 अवैध .32 बोर पिस्तौल, 12 जिंदा कारतूस, 3 मैगजीन, 3 लग्जरी गाड़ियां और 22,000 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है।

इस ऑपरेशन का विवरण साझा करते हुए, सीपी जालंधर ने कहा कि 25 मई, 2025 को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान, उन्होंने दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी का खुलासा किया था-

* सिमरन एन्क्लेव के पास लम्मा पिंड चौक निवासी वरिंदर सोढ़ी के बेटे शिवम सोढ़ी उर्फ ​​शिवा को 20 मई, 2025 को गिरफ्तार किया गया था।
* 22 मई, 2025 को बरिंदर सिंह उर्फ ​​बब्बू, पुत्र दविंदर सिंह, निवासी अमर नगर, जालंधर को गिरफ्तार किया गया।

आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने कुल 13 किलो हेरोइन, 3 लग्जरी कारें, 2 अवैध पिस्तौल (32 बोर), 6 जिंदा कारतूस और 22,000 रुपये की ड्रग मनी बरामद की। एफआईआर नंबर 122 दिनांक 20.05.2025 को पुलिस स्टेशन डिवीजन नंबर 8, जालंधर में धारा 21-सी, 27-ए, 61, 85 एनडीपीएस एक्ट और 25 (1) बी आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया था।

रिमांड के दौरान की गई पूछताछ के आधार पर तीसरे साथी की संलिप्तता सामने आई, जिसके चलते सुखजीत सिंह उर्फ ​​सुखा पुत्र लखवीर सिंह निवासी बिशंबरपुरा, थाना चाटीविंड, अमृतसर को 23 जून, 2025 को गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 100 ग्राम हेरोइन, 3 अवैध .32 बोर पिस्तौल और 6 जिंदा कारतूस बरामद किए। सुखजीत सिंह उर्फ ​​सुखा के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामला दर्ज है।

आरोपियों के व्यापक नेटवर्क और वित्तीय संबंधों की जांच जारी है। जालंधर पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस रैकेट से जुड़े सभी लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। यह सफल ऑपरेशन कमिश्नरेट पुलिस जालंधर द्वारा क्षेत्र में ड्रग्स और अपराध के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियान में एक और मील का पत्थर है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *